द एजुकेशन ट्रैप – शिक्षा का छुपा हुआ सच ? क्या हम सच में शिक्षित हो रहे हैं या सिर्फ सिस्टम का हिस्सा बन रहे हैं ?


The Education Trap

What is the education trap?:  एजुकेशन ट्रैप का मतलब क्या है? एक ऐसी स्थिती है जहाँ डिग्री और प्रमाण पत्र तो मिल जाता है।  लेकिन वास्तविक कौशल यानी की स्किल और रोजगार नहीं मिलता। जिससे युवा डिग्री प्राप्त कर लेता है।  लेकिन एक अच्छी ख़ासी नौकरी उन्हें प्राप्त नहीं हो पाती है। हमेशा से शिक्षा की ओर सबका ध्यान होता है क्योंकि हर एक पेरेंट्स को ऐसा लगता है कि मेरा बच्चा अच्छे से पढ़े और दुनिया में सर्वाइव कर पाए।

परन्तु इसका कुछ उल्टा होता है।  कहीं पेरेंट्स अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए बहुत से धनराशि उसमें लगा देते हैं फिर भी बच्चों को ज्ञान नहीं मिल पाता हैं।  एजुकेशन ट्रैप का मतलब यह है कि किस तरह से किसी भी पेरेंट्स को एजुकेशन में फंसाया जाता है। और उनसे अपना मोटा पैसा बनाते हैं। 


शिक्षा के व्यापार : एक अच्छा शिक्षा पाने के लिए ज्ञान की जरूरत होती है और इस ज्ञान को बड़े बड़े प्राइवेट स्कूल कॉलेज व्यापार बना दिया हैं। और एसे वो लोग मोटा पैसा कमाते हैं।

शिक्षा के बाद भी रोजगार:  हर एक पेरेंट्स का सपना बच्चों को एक अच्छा शिक्षा देने के लिए, बहुत से लोन लेते हैं और उन्हें प्रोत्साहित करते हैं पढ़ने के लिए। जब डिग्रियां प्राप्त होती हैं, रोजगार नही मिलता है। और उद्योग की जरूरतों को पूरा नहीं कर पाते हैं जिससे डिग्री के बाद भी बेरोजगारी बनी रहती है। 

लोन का दबाव: कहीं लोग हैं जो शिक्षा प्राप्त करने के लिए बहुत से बड़े बड़े लोन ले लेते हैं और एजुकेशन के ट्राप में पड़ जाते हैं।  लोन लेने के बाद शिक्षा तो प्राप्त हो जाती हैं। लेकिन लोन रिकवरी करते करते बहुत टाइम हो जाता हैं। एक अच्छी नौकरी ना मिले तो लोन का दबाव बढ़ जाता है। 

 स्किल ट्राप:  अभी हमको मार्केट में ये देख ने मिल रहा है जो हमको सीखा रहे है। वो मार्केट में चल नहीं रहा है शिक्षा हमको कुछ अलग चीजों की मीलती है।  और जब हम जॉब प्राप्त करते हैं हमको कुछ अलग चीजों की ट्रेनिंग दी जाती है। दोनों का मेल यहाँ पे नहीं हो पाता है। 

परिवार का दबाव: कई बार हमको यह देखने मिलता है छात्र अपनी रुचि को साइड में करके। अपने परिवार के दबाव में आकर कोई दोसरा कोर्स चुन लेते हैं । उदाहरण के लिए इंजीनियरिंग हो गया, या मेडिकल साइंस हो गया, उनको इन कोर्स में कोई इंटरेस्ट नहीं होता है फिर भी वह ले लेते हैं। 

एक छोटा सा उदाहरण: आपने आपके बेटे को इंजीनियरिंग करवाया । और वह 4 साल का कोर्स है।  और आपने उसके पड़ाई मे 10-12 लाख  डाल दिए. और आपके बचे को नौकरी मिलती है 14000 से 16000 तक, इस वेतन से लोन चुकाना है  और परिवार को संभालना, बहुत ही ज्यादा मुश्किल हो जाता है।  उस छात्र को एजुकेशन ट्रैक में फंसा देती है। जहां शिक्षा का निवेशसे मेल नहीं खाता हैं। 




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