₹41,000 Cr से ₹4,000 Cr! Tata Steel का Profit क्यों गिरा?


Tata Steel :- अगर मैं आपसे पूछो भारत मे सबसे पुरानी कंपनी और सबसे भरोसेमंद कंपनीयों में से ऐसी कोनसी कंपनी है। जो आज तक चल रही है तो आप सब लोग बोलोगें। Tata Steel का नामलेकिन आप जानते है। कि ये कंपनी कभी कभार प्रॉफिट करती है और कभी कभार अचानक से प्रॉफिट गिरा भी देती है। आखिर ऐसा होता क्यों हैकंपनी कमजोर हैक्या ये मार्केट का खेल हैआज हम इसी सवाल का जवाब ढूंढेंगे। और समझेंगे टाटा स्टील का पूरा सच क्या है उसकी शुरुआत कब हुई थी और प्रॉफिट और लॉस क्या है और उसका फ्यूचर क्या हो सकता है। 

₹41,000 Cr से ₹4,000 Cr! Tata Steel का Profit क्यों गिरा?


1. टाटा स्टील की शुरुआत 

टाटा स्टील की शुरुआत होती है 1907, तब भारत मे कोई भी स्टील नहीं बनाता था।  Jamsetji Tata ने एक Visionary Industrialist Power भारत को बनाने का बड़ा सपना देखा था। उस समय स्टील बनाना लगभग न मुमकिन था । लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। एक शहर में पहली बार एक स्टील प्लांट लगाया। उस  शहर का नाम है जमशेदपुर और यहीं से टाटा स्टील  का Foundation रखा गया । और धीरे धीरे टाटा स्टील भारत का एक बैकबोन बनकर खड़ा होगया।  


2.स्टार्टर स्टील कौन से कौन से देश में है? 

टाटा स्टील सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया के अनेक देशों में काम कर रहा है। जैसे के Netherlands Thailand और United Kingdom जैसे देशों में टाटा स्टील का स्टील उपयोग किया जाता है। और इन जगह पे इस्तमाल होता है। ब्रिजबिल्डिंगरेलवे ट्रैक्स ओर Cars मे भी इस्तेमाल किया जाता है। अगर आप जहाँ पे भी देखोजैसे की बड़े ब्रिज और बिल्डिंग में टाटा स्टील का 95% इस्तेमाल किया जाता है। सबसे बड़ी यही वजह है कि कंपनी की Infrastructure Growth मैं बहुत बड़ा योगदान देती है।


3. अभी इम्पोर्टेन्ट सवाल ये आता हैं कि टाटा स्टील प्रॉफिट कैसे बनाती है।

उसका बिज़नेस मॉडल क्या हैं टाटा स्टील का बिज़नेस मॉडुलर सिंपल है लेकिन बहुत बड़ा पावरफुल भी है। कंपनी Iron Ore और Coal का Raw Materials खरीदती है और उसी Materials से फॅक्टरी में स्टील बनाती है। जब मार्केट में स्टील की डिमांड बढ़ती है स्टील का प्राइस अपने आप बढ़ जाता है। और कंपनी को प्रॉफिट भी होता है अगर डिमांड कम हो गया तो प्रॉफिट अपने आप नीचे आ जाता है। यानी ये बिज़नेस पुरा ग्लोबल इकॉनमी पे डिपेंड है जब मार्केट ऊपर जाएगा तो प्रॉफिट होगा। जब मार्केट नीचे आएगा तो लॉस हो जाएगा।


4. दूसरा इंपोर्टेंट सवाल है टाटा स्टील में लॉस कैसे आता है।

मैने आपको ऊपर के लाइन्स में बताया है फिर भी बता देता हूँ इसका सबसे बड़ा रीसन है कंपनी में इस्तेमाल होने वाले रॉ मटेरियल की प्राइज़। अगर Coal और Iron Ore महंगे मिलते हैं तो कंपनी का खर्चा बढ़ जाता है और प्रॉफ़िट कम होता है। दूसरा Reason ये भी है। Global Demand। अगर दुनिया में कामकाज स्लो हो जाए तो Economy गिर जाती है तब जाकर स्टील की डिमांड कम हो जाता है टाटा स्टील ने Europe में एक कंपनी खरीदा था। जिस कंपनी का नाम था Corus Group जब भी Europe मे रो मटिरियल का प्राइस बढ़ जाता है तब जाकर टाटा स्टील के प्रॉफिट पर प्रेशर पड़ता है। जिसकी वजह से लॉस भी होता है।

5. अभी हम बात करेंगे कंपनी के प्रॉफिट के नंबर के बारे में ?

टाटा स्टील 2022 मे लगभग 41000 करोड़ रूपये का प्रॉफिट बनाया था। वो साल कंपनी के लिए गोल्डन इयर बना। 2023 मे टाटा स्टील का पूरा प्रॉफ़िट घटकर 8000 करोड़ रुपए रह गया। और फिर से 2024 मे टाटा स्टील का प्रॉफ़िट गिर कर 4000 करोड़ के आस पास रहे गया। हम इससे हमें ये पता चलता है बड़ी कंपनी होने का मतलब यह नहीं है कि हमेशा प्रॉफ़िट मे रहे। मार्केट का कंडीशन हमेशा चेंज होता रहता है और उसी के हिसाब से कंपनी का Performance भी Change होता है।

6. अब हम बात करते हैं कंपनी के सी Cyclical इंडस्ट्री के बारे मे​ ?

Cyclical का मतलब है। टाटा स्टील का डिमांड कभी बढ़ता है और कभी कम रहता है। उदाहरण के लिए बताए तो जब सरकार द्वारा ज्यादा टेंडर्स निकाले जाते है तब जाकर कंपनी को प्रॉफ़िट होता है। Raods, Bridges और Buildings बनाएगी तो स्टील की डिमांड बड़ जाती है। और प्रॉफ़िट अपने आप बनता है। अगर कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स स्लो हो जाए तो डिमांड गिर जाता है और प्रॉफिट भी कम हो जाता है। यही Reason है की स्टील कंपनीस का प्रॉफिट हमेशा स्टेबल रहता है।

7. टाटा स्टील का फ्युचर क्या है।

टाटा स्टील के आने वाले समय में ग्रीन स्टील टेक्नोलॉजी पर फोकस करने वाली है ताकि पॉल्यूशन कम हो और Environment Safe रहे। और इसके अलावा कंपनी ऑटोमेशन और नई मशीनरी का भी इस्तेमाल करने और प्रोडक्शन कॉस्ट कम करने की कोशीश कर रही है। इंडिया में Infrastructure तेजिसे ग्रो हो रहा है। और गवर्नमेंट भी टाटा स्टील को बड़े प्रोजेक्ट दे रही है। टाटा स्टील का फ्यूचर ये है कि फ्यूचर में टाटा स्टील की डिमांड बढ़ सकती है और इसे टाटा स्टील को फायदा होने वाला है।

8. लास्ट Important सवाल?

टाटा स्टील सिर्फ एक कंपनी नहीं है बल्कि भारत की इंडस्ट्रियल स्ट्रेंथ का बहुत बड़ा Symbol है। टाटा स्टील का प्रॉफिट हमेशा से स्टेबल नहीं रहेगा। रिस्क हमेशा रह सकता है। मार्केट के ऊपर पूरा डिपेंड है मार्केट जैसे परफॉर्म करेगा टाटा स्टील प्रॉफिट भी कर सकता है नहीं तो लॉस भी कर सकता है। और लॉस की बात करें तो टाटा स्टील आगे जाके आपको प्रॉफिट ही देगा। अगर आप शेर मार्केट में इन्वेस्ट करने वाले हो तो कंपनी का नाम देखकर इन्वेस्ट मत करना। कंपनी के बारे में पूरा समझने के बाद इन्वेस्ट करना।

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